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डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है एवं इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग में अंतर

डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है

दोस्तों अगर आप शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करते हैं तो मैं आपको बता दूं कि शेयर मार्केट में ट्रेडिंग दो तरह से की जाती है, पहला तरीका डिलीवरी ट्रेडिंग है और दूसरा इंट्राडे है। लेकिन ज्यादातर लोगों को डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है एवं इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग में अंतर है। इसके बारे में पता नहीं है इसलिए हम आज का यह लेख लेकर आए हैं।

इस लेख में डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है? इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग में अंतर? और इनसे जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारी आसान शब्दों में और विस्तार से दी गई है, इसलिए यह लेख आपके लिए बहुत ही फायदेमंद होने वाला है।

लेकिन आप इस लेख में अंत तक जरूर बने रहे ताकि आपको पूरी जानकारी अच्छे से पता चल सके।

डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है?

दोस्तों कोई व्यक्ति शेयर खरीदकर उसे कभी भी बेच सके वह डिलीवरी ट्रेडिंग होती है, डिलीवरी ट्रेडिंग में शेयर खरीदने वाले व्यक्ति के पास पूरा अधिकार होता है कि वह कितने भी लंबे समय तक शेयर को अपने पास Hold कर सकता है और जब मर्जी उसे बेच सकता है।

डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेशक अपने शेयर को डीमेट अकाउंट में Hold करते हैं और ऐसा करने पर निवेशक को कोई Hold फ़ीस देने की भी आवश्यकता नहीं है।

अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक किसी शेयर में अपने पैसे निवेश करना चाहता है तो उसके लिए डिलीवरी ट्रेडिंग एक बेहतरीन विकल्प हो जाता है, क्योंकि अगर थोड़े समय में शेयर के प्राइस गिर जाते हैं तो भी निवेशक अपने शेयर को Hold करके उसके प्राइस बढ़ने का इंतजार करके प्राइस बढ़ने पर उसे बेचकर प्रॉफिट कमा सकते हैं।

इसलिए डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेशक कम जोखिम के साथ ज्यादा पैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं, इसीलिए Rakesh Jhunjhunwala, Warren Buffett जैसे बड़े लोग भी डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेश करना पसंद करते हैं।

इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग में क्या अंतर है?

इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग में कई बड़े अंतर देखने को मिलते हैं, चलिए अब हम टेबल के माध्यम से इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग के सभी अंतर जानते हैं :-

इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading)डिलीवरी ट्रेडिंग (Delivery Trading)
इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर खरीदने और बेचने के लिए एक ही दिन का समय होता है, उसी में निवेशक को शेयर खरीदकर और बेचकर प्रॉफिट कमाना होता है।डिलीवरी ट्रेडिंग में निवेशक कभी भी शेयर खरीदकर उसे कितने भी लंबे समय तक Hold करके कभी भी बेच सकते हैं।
इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर खरीदने का समय हर दिन सुबह 9:15 से शाम को 3:30 तक निश्चित है।डिलीवरी ट्रेडिंग में शेयर खरीदने और बेचने की कोई निर्धारित टाइमिंग नहीं है, आप चाहें तो सुबह खरीदो या श्याम, और आप चाहें तो शेयर्स आज बेचो या कल या किसी और दिन।
इंट्राडे ट्रेडिंग में लॉस का जोख़िम ज्यादा रहता है, क्योंकि इसमें आप शेयर के दाम बढ़ने का इंतजार नहीं कर सकते।डिलीवरी ट्रेडिंग में लॉस का जोख़िम कम रहता है, क्योंकि अगर शेयर का प्राइस कम होता है तो आप शेयर का प्राइस बढ़ने का इंतजार करके उसे बेच सकते हैं।
इंट्राडे ट्रेडिंग करने पर बोनस नहीं मिलता।डिलीवरी ट्रेडिंग करने पर लम्बे समय तक शेयर को Hold करने के कारण कई बार निवेशक को कम्पनी द्वारा बोनस भी मिलता है।
अगर आपके पास Demat Account नहीं है तो भी आप Trading Account के जरिए इंट्राडे ट्रेडिंग कर सकते हैं।डिलीवरी ट्रेडिंग करने के लिए आपका Demat Account होना जरुरी है।
इंट्राडे ट्रेडिंग कम लोग करते हैं, और प्रॉफिट भी बहुत कम लोग ही ले पाते हैं।ज्यादात्तर लोग डिलीवरी ट्रेडिंग करना पसन्द करते हैं और इसमें इंट्राडे ट्रेडिंग के मुकाबले ज्यादा लोग प्रॉफिट कमा पाते हैं।
इंट्राडे ट्रेडिंग में मार्जिन भी मिल जाता है और निवेशक शेयर के असली प्राइज से कम प्राइज में शेयर को ख़रीद पाते हैं।डिलीवरी ट्रेडिंग में मार्जिन नहीं मिलता।

डिलीवरी ट्रेडिंग कैसे करें?

दोस्तों आपको पता चल गया होगा कि डिलीवरी ट्रेडिंग करके लंबे समय के शेयर में निवेश किया जा सकता है और इससे अच्छा खासा प्रॉफिट भी कमाया जा सकता है।

ऐसे में अगर आप डिलीवरी ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपके पास डिमैट अकाउंट होना चाहिए, आप Full Service Broker या Discount Broker पर अपना डिमैट अकाउंट खोल सकते हैं।

आपको कम बजट में निवेश करके पैसे कमाने हैं तो आपको Discount Broker पर अपना डिमैट अकाउंट खुलवाना चाहिए।

आप मोबाईल एप्लीकेशन के जरिए अपना डिमैट अकाउंट खोल सकते हैं और मोबाईल एप्लीकेशन के जरिए ही अपने मनपसंद शेयर में निवेश करके डिलीवरी ट्रेडिंग भी कर सकते हैं।

कुछ मोबाईल एप्लीकेशन के नाम नीचे दिए गए हैं, जिनसे आप शेयर खरीदकर डिलीवरी ट्रेडिंग कर सकते हैं :-

इन एप्लीकेशन से डिलीवरी ट्रेडिंग करने के लिए आपको सबसे पहले ऊपर बताई गई एप्लीकेशन में से किसी एक को डाऊनलोड करना है, उसके बाद एप्लीकेशन में अकाउंट बनाकर KYC कंप्लीट करनी है, फिर आप अपने मनपसंद शेयर खरीदकर उन्हें कितने भी समय तक Hold भी कर पाएंगे, और जब मर्जी बेचकर प्रॉफिट भी कमा पाएंगे।

डिलीवरी ट्रेडिंग के नुकसान

हर चीज के फ़ायदे के साथ नुकसान भी होते हैं, आप डिलीवरी ट्रेडिंग के नुकसान नीचे देख सकते हैं :-

  • डिलीवरी ट्रेडिंग करने के लिए आपके पास पैसे बहुत होने चाहिए, ताकि अगर आपके खरीदे गए शेयर का प्राइस नीचे हो तो आपको प्राइज बढ़ने तक शेयर बेचना न पड़े।
  • डिलीवरी ट्रेडिंग में मार्जिन नहीं मिलता।
  • शेयर का प्राइस बढ़ने के लिए आपको बहुत लम्बे समय तक का इंतजार करना पड़ सकता है और शेयर के प्राइज बढ़ने की कोई गारंटी भी नहीं होती।

FAQ’s

तो चलिए दोस्तों अब हम इस लेख से जुड़े लोगों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले कुछ महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब जानते हैं :-

डिलीवरी ट्रेडिंग पर कितना शुल्क लगता है?

डिलीवरी ट्रेडिंग पर ज्यादत्तर GST चार्ज ही लगता है।

इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है?

इंट्राडे ट्रेडिंग वह है जिसमें आपको एक दिन में ही शेयर खरीदकर वापिस बेचना होता है।

डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है?

डिलीवरी ट्रेडिंग वह है जिसमें आप शेयर खरीदकर लंबे समय तक Hold करके जब मर्जी बेच सकें।

निष्कर्ष :-

दोस्तों आज के इस लेख में हमने डिलीवरी ट्रेडिंग क्या है एवं इंट्राडे और डिलीवरी ट्रेडिंग में अंतर है और इनसे जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें जानी, हमें उम्मीद है कि आपको यह लेख अच्छा लगा होगा, अगर आपको लेख अच्छा लगा है तो इसे दोस्तों के साथ और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जरूर शेयर करें।

इसके अलावा अगर आपका इस लेख से जुड़ा कोई सवाल या सुझाव है तो कमेंट करके जरूर बताएं और हम आपके लिए इसी तरह के जानकारी से भरपूर लेख लगातार लेकर आते रहते हैं, इसलिए हमारे साथ जरूर जुड़े रहें।

धन्यवाद।

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