GST Return File कैसे करें | GST return file online 2021

देश में जब से GST लागू हुआ, वित्तीय व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। भारत में बहुत ऐसे छोटे-बड़े व्यापारी हैं जिन्हें GST Return File कैसे करें नहीं पता है। इस वजह से वे काफी परेशान रहते हैं और दूसरों पर आश्रित रहते हैं। ऐसे ही व्यापारियों की परेशानी को मध्यनज़र रखते हुए, इस पोस्ट में मैंने बताया है कि कैसे मिनटों में खुद से GST Return File कर सकते हैं।

GST Return File कैसे करें

GST Return File कैसे करें

जीएसटी रिटर्न फाइल करने के लिए सबसे पहले ऑफिसियल पोर्टल (www.gst.gov.in) को अपने लैपटॉप, कम्यूटर या फोन पर खोलें।

  • इसके बाद पैन नंबर और राज्य कोड के डाले.
  • इसके बाद आपको 15 अंकों का जीएसटी नंबर मिल जाएगा.
  • इसके बाद अपना चालान अपलोड करें, प्रत्येक चालान के लिए अलग चालान नंबर जारी किया जाएगा.
  • चालान अपलोड करने के बाद आउटवर्ड रिटर्न, आवक वापसी और संचयी मासिक रिटर्न ऑनलाइन दाखिल करना होगा.
  • अगर इस प्रक्रिया में कहीं एरर आए तो आप उसे सही करें और रिटर्न को री-फाइल करने का ऑप्शन को चुने.

इसके बाद अगले महीने की 10 तारीख को या उससे पहले GST सामान्य पोर्टल (GSTN) पर सूचना अनुभाग के जरिए से GSTR-1 फॉर्म में बाहरी आपूर्ति रिटर्न दाखिल करें.

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इसके बाद आपको सप्लायर द्वारा सुसज्जित आउट सप्लाई का आपको GSTR-2A में उपलब्ध कराया जाएगा.

इसके बाद GSTR-2 फॉर्म में अंदर की आपूर्ति का विवरण दर्ज करना होगा.

ध्यान रखें कि पूर्तिकर्ता GSTR-1A में प्राप्तकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई इनवर्ड सप्लाई के डिटेल के मोडिफिकेशन को स्वीकार या अस्वीकार कर सकता है.

SMS के जरिए निल जीएसटीआर-1

SMS के जरिए निल जीएसटीआर-1 भरने के लिए GSTINMMYYYY फॉर्मेट में टैक्स पीरियड टाइप कर 14409 पर SMS भेजे. इसके बाद आपके पास 6 अंकों का वेरिफिकेशन कोड आएगा. इसके बाद टैक्सपेयर एक और SMS CNFR106 अंकों का वेरिफिकेशन कोड टाइप करके 14409 पर भेजना होगा।

GST क्या है | GST से सम्बंधित 10 महत्वपूर्ण बातें

GST क्या है | GST से सम्बंधित 10 महत्वपूर्ण बातें

दोस्तों, इस आर्टिकल में GST क्या है, पूरी जानकारी दी गयी है। साथ ही GST से सम्बंधित 10 महत्वपूर्ण बातें भी बताई गयी है। जो सभी को जानना चाहिए।

GST क्या है | विकिपीडिया

Goods & Service Tax एक अप्रत्यक्ष कर है। सामानों तथा सेविसेस पर लगने वाले कर को पहले वैट कहते थे, अभी नए कानून के हिसाब से उसे GST कहते हैं। यह कर केंद्र सरकार के द्वरा संचयित किया जाता है। यह भारत में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के साथ-साथ अन्य देशों से आयातित एक व्यापक कर है। वर्षों के विचार-विमर्श के बाद, 1 जुलाई, 2017 को नई कर व्यवस्था लागू हुई – अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने first time वर्ष 2000 में इसका सुझाव दिया। GST क्या है अब आप समझ गए होंगे

GST का अर्थ क्या है ? (GST Meaning in hindi)

GST का अर्थ इसके नाम से ही निकल रहा है जैसा की आप समझ सकते हैं -GST मतलब Goods and ServiceTax होता है। GST क्या है, इसे हिन्दी में माल एवं सेवा कर कहते हैं। कोई भी माल की खरीद और कोई सेवा के उपयोग पर इस टैक्स को चुकाना होता है।

GST के प्रकार ( Type of Gst )

भारत में GST 4 प्रकार के होते हैं। ( 4 प्रकार के GST क्या है )

  1. CGST (केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर ) : इसके द्वारा वसूला गया कर केंद्र को जायेगा।
  2. SGST ( राज्य वस्तु एवं सेवा कर ) : इसके द्वारा वसूला गया कर राज्य को जायेगा।
  3. IGST ( एकीकृत वास्तु एवं सेवा कर ) : यह कर केंद्र द्वारा वसूला जायेगा पर यह केवल एक राज्य से दुसरे राज्य में माल या सेवाएँ भेजने पर ही लगेगा, या फिर विदेशों से व्यापार करने पर।
  4. UTGST ( यूनियन टेरिटरी वस्तु एवं सेवा कर ) : यह टैक्स देश के 7 केंद्र शासित राज्यों में लागू है।

भारत में GST कब लागू हुआ ?

वाजपेयी सरकार ने वर्ष 2000 में जीएसटी पर बातचीत शुरू की और पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त मंत्री असीम दासगुप्ता की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया।2006-07 के बजट में समिति को जीएसटी मॉडल को डिजाइन करने और इसके रोल -आउट के लिए आईटी बैक-एंड तैयारियों का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी दी गई थी।केंद्रीय वित्त मंत्री श्री पी चिदंबरम ने 1 अप्रैल, 2010 तक माल और सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने का प्रस्ताव रखा। राज्य के वित्त मंत्रियों की समिति ने हालांकि, नवंबर, 2009 में कर व्यवस्था पर अपना पहला चर्चा पत्र जारी किया ! आखिरकार वर्षों के विचार-विमर्श के बाद, भारत में 1 जुलाई, 2017 को नई कर व्यवस्था (GST) लागू हुई ।

GST की विशेषताएं

अगर GST की विशेषताएं कि बात करें तो यह हर पक्ष के लिए लाभकारी है। GST वह कर व्यवस्था है जो कि पूरे देश में एकल कर व्यवस्था की स्थापना करता है। इसके तहत 8 केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं 9 राज्य स्तरीय अप्रत्यक्ष कर को जीएसटी में मर्ज कर दिया गया। जिसमें केन्द्रीय उत्पाद कर, सेवा कर, केन्द्रीय बिक्री कर, मूल्य वर्धित कर, सीमा शुल्क, चुंगी इत्यादि प्रमुख है।

मैंने आपको यह सब पहले बताया है। कुछ अपवादों को छोड़कर करों के चार स्तर है; 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के तहत सभी वस्तुओं और सेवाओं को लाया है जिससे कि पूरे देश के करों में एकरूपता आयी और इससे एक ही वस्तु के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग मूल्यों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जीएसटी ने एक देश एक कर (One nation one tax) की अवधारणा को सुनिश्चित किया है।

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GST के चार प्रकार भी अपने आप में विशेषता ही है जो कि पहले कभी नहीं देखा गया। मानव उपभोग हेतु अल्कोहल को संवैधानिक रूप से जीएसटी से बाहर रखा गया है, यानी कि इसे जीएसटी के तहत नहीं लाया जा सकता है। सिर्फ इसे छोड़कर जीएसटी में सभी प्रकार की वस्तुएँ और सेवाएँ शामिल हैं। पाँच पैट्रोलियम उत्पाद (कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल, एटीएफ़ (विमान फ्युल) एवं प्राकृतिक गैस) अस्थायी रूप से जीएसटी से बाहर हैं। जब तक जीएसटी काउंसिल की सिफ़ारिश नहीं होगी तब तक इन्हे जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जा सकता है।

इसके साथ डिजिटल विषेशता पर गौर करें तो, जीएसटी अनुपालन में तेजी आएगी क्योंकि सभी रिटर्न ऑनलाइन भरे जाएँगे, इनपुट क्रेडिट का सत्यापन भी ऑनलाइन होगा और आपूर्ति शृंखला के प्रत्येक पड़ाव पर हुए लेनदेन का कागजी प्रमाण रखा जाएगा।

करदाताओं के पंजीकरण और करों की वापसी की एक समान प्रक्रिया, कर रिटर्न के एक समान प्रारूप, एक समान कर आधार, वस्तुओं एवं सेवाओं के वर्गीकरण की साझा व्यवस्था से कराधान प्रणाली में अधिक निश्चिंता आएगी।

सूचना प्रौद्योगिकी के अधिक प्रयोग से करदाता एवं कर अधिकारियों के बीच व्यक्तिगत संपर्क कम हो जाएगा, जिससे भ्रष्टाचार कम करने में बहुत मदद मिलेगी और व्यवस्था में पारदर्शिता आ पाएगी।

जीएसटी (GST) के लाभ

व्यापार और उधोग के लाभ : पहले के अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में होने वाले करों के दोहराव को जीएसटी की मदद से खत्म किया जा सकेगा, इससे कर देने के प्रति व्यापारियों में उत्साह आएगा। करों का बोझ कम होगा क्योंकि आपूर्ति के प्रत्येक चरण पर सभी वस्तुओं एवं सेवाओं में इनपुट टैक्स क्रेडिट मिल जाएगा। डिजिटल व्यवस्था होने के कारण इसके अनुपालन का खर्च कम होगा एवं विभिन्न प्रकार के करों के लिए अनेक रिकॉर्ड नहीं रखने होंगे।

उपभोक्ता के लाभ : विनिर्माताओं, खुदरा विक्रेताओं एवं सेवा प्रदाताओं के बीच इनपुट टैक्स क्रेडिट के निर्बाध प्रवाह एवं करों के दोहराव खत्म होने के कारण वस्तुओं का अंतिम मूल्य पहले की अपेक्षा कम हो सकती है।

राष्ट्र के लिए लाभ : इससे निर्यात एवं विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, अधिक रोजगार का सृजन होगा और इस प्रकार लाभप्रद रोजगार के साथ जीडीपी में वृद्धि होगी, जिससे आर्थिक वृद्धि भी तेज होगी। अंततः अधिक रोजगार एवं अधिक वित्तीय संसाधनों के सृजन द्वारा इससे गरीबी दूर करने में सहायता होगी।

GST के महत्व

लॉन्ग टर्म में जीएसटी (GST) पूरी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। जीएसटी लागू होने के बाद से बहुत सारी वस्तुओं के दामों में कमी दर्ज की गई है लेकिन पैट्रोलियम उत्पादों का अभी भी जीएसटी दायरे में न होना खलता है।

Conclusion

Gst के कुछ यह महत्वपूर्ण सभी को जान लेना चाहिए। देश के अर्थव्यवस्था के सुधार में इसका बहुत बड़ा योगदान होगा। कुल मिलाकर जीएसटी एक अच्छी व्यवस्था है इसमें कोई विचार करने वाली बात नहीं है, लेकिन ये अभी शुरूआती अवस्था में है और इसे अपनी पूरी क्षमता से काम करने में अभी थोड़ा और वक्त लग सकता है। तो ये रहा GST क्या है, प्रकार, विशेषताएं, लाभ और महत्व उम्मीद है समझ में आया होगा। संबन्धित अन्य लेखों का लिंक नीचे दिया गया है बेहतर समझ के लिए उसे भी पढ़ें;