third party insurance : इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के बारें में। साथ ही यह भी जानेंगे थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या होती है, इसका क्या लाभ है, और यह पॉलिसी कैसे खरीदेंगे। यानी third party insurance से संबंधित सब कुछ बताऊँगा, तो पोस्ट को पूरा पढ़े, अच्छी जानकारी लगे तो एक कमेन्ट जरूर करें। आपका Comment हमारे लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। तो आइये जानते हैं..

परिचय (Introduction) : थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के तहत व्हीकल ओनर या चालक को होने वाले किसी भी नुकसान की भरपाई की कोई जिम्मेदारी नहीं होती है। किसी भी वाहन के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य है। दो पहिये वाहन के मालिक के लिए 5 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करवाना अनिवार्य है। वहीं, कार व अन्य कमर्शियल वाहन के मामले में कम से कम 3 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट सितंबर 2018 से पूरे देश में लागू है। अगर कोई अपने वाहन का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं करवा रखा है तो पकड़े जाने पर जुर्माना भरना पड़ सकता है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या है ?

जब किसी अन्य व्यक्ति को आपके वाहन से नुकसान होता है। तो मुआवजा जिस बीमा पॉलिसी से मिलता है, उसे थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (third party insurance) कहते हैं। खुद के वाहन को नुकसान या खुद के शरीर को कोई नुकसान का कोई मुआवजा थर्ड पार्टी इंश्योरेंस से नहीं मिलता। इसके लिए आपको कांप्रिहेंसिव बीमा पॉलिसी (Comprehensive Insurance)  लेनी पड़ती है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का फायदा न तो प्रथम पक्ष (First Party) को होता है और न ही द्वितीय पक्ष (Second Party) को होता है। बल्कि तीसरे पक्ष (third party) को होता है।

दरअसल बीमा पॉलिसी में

  • प्रथम पक्ष वह होता है, जोकि बीमा करवाता है यानी कि वाहन का मालिक।
  • द्वितीय पक्ष वह होता है, जोकि बीमा करता है, यानी कि बीमा कंपनी
  • इनके अलावा, जो भी अन्य व्यक्ति या सामान है, वह सब तृतीय पक्ष के अंतर्गत आएगा।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस (third party insurance) में मुआवजा निर्धारण के कानूनी प्रक्रिया वगैरह का जिम्मा भी बीमा कंपनी उठाती है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की विशेषता :

Third Party Insurance इसमें पॉलिसी का लाभार्थी करार में शामिल दोनों पार्टियों (कार मालिक और इंश्योरेंस कंपनी) के बदले कोई तीसरा पक्ष होता है। इस पॉलिसी में बीमा कराने वाले को कोई लाभ नहीं मिलता है, हालांकि यह एक्सीडेंट होने पर थर्ड पार्टी की मृत्यु होने,अपंगता या फिर उसके संपत्ति को नुकसान पहुंचने पर बीमा कराने वाले व्यक्ति के ऊपर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को खत्म कर देता है। यानी यह बीमा पॉलिसी आपके वाहन से दूसरे लोगों और उनकी संपत्ति को हुए नुकसान को कवर करती है। इस नुकसान का वित्तीय बोझ पॉलिसी होल्डर पर नहीं पड़ता है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के फायदे :

मान लेते हैं कि आपसे ​ऐसी कोई घटना हो जाती है, जिसका हर्जाना 50 लाख के आसपास बैठे, तो। ऐसी स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा आपके लिए ढाल का काम करता है। आप अचानक एक बडी देनदारी की मुश्किल झेलने से बच जाते हैं। इसमें अस्पताल का खर्च, उसकी कमाई को हुआ नुकसान, व अन्य परेशानियों का खर्च भी शामिल होता है।

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वाहन थर्ड पार्टी बीमा से मिलने वाले मुआवजे में निम्नलिखित चीजें शामिल होती हैं—

  • किसी अन्य की मृत्यु या शारीरिक क्षति पर मुआवजा
  • किसी अन्य व्यक्ति के वाहन व संपत्ति की क्षति पर मुआवजा
  • 3. कानूनी और अस्पताल संबंधी खर्चों का भुगतान

कानून के मुताबिक वाहन चालक को ऐसी घटना में किसी की शारीरिक या संपत्ति के नुकसान की एक न्यूनतम मात्रा (minimal amount) चुकाना अनिवार्य है। इनके भुगतान की जिम्मेदारी बीमा कंपनी की हो जाती है। ये न्यूनतम देनदारी मामले की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सरकार की ओर से इसके नियम बने होते हैं। 

Note: थर्ड पार्टी इंश्योरेंस आपको हादसे से हुए आर्थिक नुकसान के हर्जाने में मदद करता है। आपकी ओर से हुए अपराध पर कानूनी कार्रवाई से बचाव नहीं करता। उसकी प्रक्रिया आप पर अलग से चलेगी। हालांकि यह आपकी और थर्ड पार्टी की सहमति पर कम भी हो सकती है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के तहत शामिल किए जाने वाले नुकसान

निम्नलिखित प्रकार के नुकसान थर्ड पार्टी बीमा के तहत Cover  होते हैं—

  • आपके वाहन से अन्य व्यक्ति की मौत या शारीरिक क्षति पर
  • आपके वाहन से अन्य व्यक्ति के वाहन या उसमें लगे उपकरणों को हुआ नुकसान पर
  • आपके वाहन से अन्य व्यक्ति की सं​पत्ति,घर, दीवार, या सामान को हुआ नुकसान पर
  • जिस वाहन का बीमा है, उसके ड्राइवर/मालिक की मौत (अनिवार्य व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के कारण)
  • जिस वाहन का बीमा है, उसके ड्राइवर/मालिक की स्थायी विकलांगता (अनिवार्य व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा से)

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के तहत शामिल न किए जाने वाले नुकसान

निम्नलिखित प्रकार के नुकसान थर्ड पार्टी बीमा के तहत कवर नहीं होते हैं—

  • किसी हादसे में, आपके खुद के वाहन को हुए नुकसान की भरपाई नहीं की जाती
  • आपका वाहन चोरी जाने या नष्ट किए जाने पर भी कोई मुआवजा नहीं पा सकते
  • आपके वाहन के कारण आपको आई चोटों पर भी कोई मुआवजा नहीं मिलता

Note: थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की इसी कमी की पूर्ति Comprehensive Insurance करता है। इसके लिए बीमा कराने Add On कराए। कांप्रिहेंसिव बीमा में आपको Third Party Insurance के साथ फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस की सुविधा भी मिलती है। यानी आपके वाहन को हुए नुकसान की स्थिति में भी मुआवजा मिलता है।

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस ऑनलाइन कैसे खरीदें ?

अब आप किसी भी इंश्योरेंस कंपनी की थर्ड पार्टी इंश्योरेंस ऑनलाइन खरीद सकते हैं। ऑनलाइन Third Party Insurance खरीदने के दो तरीके हैं –

  1. डायरेक्ट बीमा कंपनी की वेबसाइट पर जाकर
  2. इंश्यारेंस एग्रीगेटर की वेबसाइट के माध्यम से

आगे इन दोनों तरीकों से ऑनलाइन वाहन बीमा कराने की प्रक्रिया थोड़ा विस्तार से जानेंगे। 

किसी बीमा कंपनी से ऑनलाइन Third Party Insurance करवाने की प्र​क्रिया इस प्रकार है—

  • Step 1: कंपनी की वेबसाइट पर जाइए। उसके होमपेज पर मौजूद लिंक्स में से अपने वाहन के मुताबिक कार बीमा या दोपहिया वाहन का विकल्प सेलेक्ट करिए।
  • Step 2: अपने और अपने वाहन के बारे में मांगे गए डिटेल्स की जानकारी भरिए। जैसे कि वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी वगैरह।
  • Step 3: इसके बाद गेट क्वोटस पर क्लिक करेंगे तो आपको उस कंपनी की ओर से पेश की जा रही पॉलिसी के प्रीमियम रेट (बीमा किस्त) सामने आ जाएंगे।
  • Step 4: बीमा पॉलिसी का चयन करिए और मांगी गई अन्य जानकारियों को भर दीजिए। अंत में, बीमा प्रीमियम का भुगतान करके पॉलिसी खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

डायरेक्ट बीमा कंपनी की वेबसाइट से खरीद

सबसे पहले तो हम यह बता दें कि वाहन बीमा, General Insurance के तहत आता है। यानी कि आपको अगर अपने वाहन का बीमा करवाना है तो किसी General Insurance Company के प्लेटफॉर्म का उपयोग करना होगा।

यहां हम कुछ प्रमुख General Insurance  कंपनियों के नाम और उनकी वेबसाइट के links दे रहे हैं। इन लिंक का उपयोग करके आप मिनटों में Online वाहन बीमा करवा सकते हैं।

बीमा कंपनीवेबसाइट लिंक
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेडलिंक
न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेडलिंक
स्टेट बैंक जनरल इंश्योरेंस कंपनीलिंक
नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेडलिंक
चोला एमएस कार इंश्योरेंस कंपनीलिंक
टाटा एआईजी जनरल इंश्योरेंस कंपनीलिंक
ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेडलिंक
आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिंक
बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी 
लिंक
रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनीलिंक
एचडीएफसी एर्गो मोटर इंश्योरेंस कंपनीलिंक

इंश्यारेंस एग्रीगेटर की वेबसाइट पर लिंक से खरीद

इंश्योरेंस एग्रीगेटर्स, दरअसल ऐसी कंपनियां होती हैं, जो खुद कोई बीमा नहीं करती हैं। ये सिर्फ बीमा कंपनियों के Insurance Products की जानकारी देते हैं। उनके Insurance Plans/Policies की तुलना पेश करते हैं और पॉलिसी को खरीदने के लिए link उपलब्ध कराते हैं। इसके बदले में Insurance Aggregator को कमीशन मिलता है। 

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उदाहरण के लिए कुछ प्रमुख इंश्योरेंस एग्रीगेटरोें के नाम —

  • Policybazaar.com
  • coverfox.com
  • www.policyx.com
  • www.comparepolicy.com
  • www.bankbazaarinsurance.com

ध्यान रखें: भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI), किसी भी Insurance Aggregator  को एक बार में 3 साल के लिए ही मान्यता देता है। इस समय मान्य Insurance Aggregators की लिस्ट देखने के लिए आप इरडा IRDAI की वेबसाइट पर जा सकते हैं।

ऑनलाइन रिन्यू और कंपनी बदलने के बारें में : Third party insurance

पुराने वाहन बीमा का नवीनीकरण (Renewal) की प्रक्रिया भी, नए वाहन बीमा की तरह ​ही होती है। इसके लिए भी आप चाहें तो सीधे Insurance Company की वेबसाइट का उपयोग कर सकते हैं। या फिर, Insurance Aggregator की वेबसाइट पर जाकर बीमा खरीद सकते हैं। बीमा रिन्यू कराते समय, चाहें तो बीमा कंपनी बदल भी सकते हैं।

ऑनलाइन थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए आवश्यक दस्तावेज

ऑनलाइन थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए ये सभी दस्तावेज जमा करना आवश्यक हैै –

  • संपर्क एड्रेस, मोबाइल नंबर, ईमेल
  • आपके वाहन के RC बुक की कॉपी
  • वाहन के विवरण
    • Registration number
    • चेचिस नंबर
    • इंजन नंबर
    • मेक और माडल नंबर
    • पिछले पॉलिसी नंबर ( अगर उपलब्ध है तो )
    • वाहन निर्माण की तिथि
    • वाहन खरीद की तिथि और स्थान

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया

थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया बहुत ही आसान है। पॉलिसी होल्डर और थर्ड पार्टी के लिए क्लेम की प्रक्रिया इस प्रकार हैै –

  • दुर्घटना से हुए क्षति की साफ़ साफ़ फोटो क्लिक करें।
  • वाहनों के क्षतिग्रस्त हिस्सा के बारें में डिटेल्स नोट करें।
  • दुर्घटना के गवाहों के संपर्क की जानकारी लिख लें।
  • दुर्घटना की सूचना insurance कंपनी को दे और उनके बताए अनुसार कार्य करे।
  • नजदीकी थाना को सूचित करें और रिपोर्ट दर्ज कराएं।
  • वकील के सहायता से मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल कोर्ट में केश दर्ज कराए।
  • अदालत में पेश हो कर कानूनी कार्रवाई में सहयोग करें। घटना के बारे में विस्तृत जानकारी दें और आवश्यक दस्तावेज जमा कराए।
  • कोर्ट के ऑर्डर को insurance कंपनी के पास भेजें और थर्ड पार्टी के हुए नुकसान की मुआवजा पाएं।

Conclusion: Third Party Insurance : उम्मीद करते हैं आपको इस आर्टिकल में दी गई जानकारी अच्छी लगी हो। आपके अनुकूल अगर कोई कमी रह गई हो तो Comment box में जरूर बताएं। इस तरह के जानकारी की नोटिफिकेशन पाने के लिए नीचे लाल रंग के नोटिफिकेशन बेल को दवा कर Allow कर दें।

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