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2022 में इंजीनियर कैसे बने | जानिए इंजीनियर के प्रकार

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अधिकांश को यह पता है कि इंजीनियर क्या होता है। इंजीनियर कैसे बने। लेकिन वही अगर बात करें कितने प्रकार के इंजीनियर होते हैं ( Types Of Engineering Course In Hindi ) तो नहीं बता पाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, इस आर्टिकल में सभी प्रकार के इंजीनियरिंग कोर्स और इंजीनियर के बारे में बताया हूँ।

आइये जानते हैं –

दोस्तों हम में से अधिकांश लोग चाहते हैं कि परिवार में एक डॉक्टर या इंजीनियर बने, लेकिन जानकारी के आभाव में शुरू से हमारी तैयारी उस प्रकार की नहीं हो पाती है, जिसकी जरूरत एक सफल डॉक्टर या इंजीनियर बनने के लिए होती है।

बहुत ऐसे भी स्टूडेंट आपको मिल जायेंगे जो इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हैं, कई कॉम्पिटिशन का एग्जाम देते है और असफल होने के बाद कोई भी कॉलेज और कोर्स का चुनाव कर लेते हैं। लेकिन जब कॉलेज में पढ़ने जाते हैं तब सिलेबस उन्हें समझ नहीं आती और या तो वो बीच में ही छोड़ देते हैं या ठीक से उनकी पढाई नहीं होती है। किसी तरह पढाई पूरी करने के बाद, वो इंजीनियर तो बन जाते हैं, लेकिन उनकी गिनती ढेलफेकवा इंजीनियर में होती है। भारत में ऐसे इंजीनियर आपको हर गली-चौराहे, हाट-बाजार में स्टाल लगाए नजर आएंगे।

आगे इस पोस्ट में जानेंगे आखिर ऐसा क्यों होता है। पहले मुझे एक बाद याद आ रही है, जब मैं ये लिख रहा हूँ, वो जान लीजिए।

बिहार के युवा इंजीनियर गौतम कुमार चौधरी ने बताया इंजीनियर कैसे बने
Gautam Kumar Choudhary, Senior System Engineer, TCS, West Bengal

Tata Consultancy Services के सीनियर सिस्टम इंजीनियर गौतम कुमार चौधरी मेरे मित्र हैं। वो हमेशा कहते थे, इंजीनियर वही बनता है, जो शुरू से ही जीनियस रहा हो। अगर आप जीनियस नहीं हैं, तो अपने मेहनत के बल पर बन सकते हैं। क्योंकि इस फील्ड में वही अच्छे मुकाम को हासिल कर पाता, जिसने दिल से चीजों को समझा है, मन से पढ़ा हो। यहाँ कॉम्पिटशन बहुत ज्यादा है, अच्छे जानकार स्टूडेंट्स को अच्छी कंपनी और नौकरी नहीं मिल पाती है।

इस फील्ड में आप तभी अपना करियर बना सकते हैं, जब आप इंजीनियरिंग के पढाई के दौरान, सब चीजों को छोड़कर सिर्फ और सिर्फ पढाई पर ध्यान दिए हों।

इंजीनियर कैसे बने

इंजीनियर बनने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है की आपने कक्षा 12 वीं की पढ़ाई साइंस स्ट्रीम में की हो, क्योंकि साइंस स्ट्रीम के छात्र ही इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं। भारत में इंजीनियरिंग के आईआईटी, बीआईटी, एनआईटी जैसे कई बड़े मान्यताप्राप्त संस्थान है जो इंजीनियरिंग के लिए दाखिला प्रदान करते हैं।

Engineering का क्षेत्र बहुत विशालकाय है और उसी तरह इंजिनीरिंग के बहुत से कोर्स के प्रकार हैं जिसे सामान्य लोग नहीं जानते, परन्तु आज इंटरनेट का युग है और इस युग में सारी जानकारी बस एक क्लिक पर आपके मोबाइल में आ जाती है।

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Types Of Engineering Course In Hindi

बढ़िया इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला के लिए छात्रों को जेईई मेन्स, जेईई एडवांस, GATE, BITSAT, CMAT, WBJEE, COMEDK UGET जैसे प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करना होता है और उनके प्राप्त रैंक के अनुसार उन्हें कॉलेज आवंटित की जाती है। ये कोर्स मुख्य रूप से 3 वर्ष का होता है, इसे सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त हो जायेगी और वो इंजीनियर बन जाएंगे।

  1. Civil Engineering – सिविल इंजीनियरिंग
  2. Chemical Engineering – केमिकल इंजीनियरिंग
  3. Ceramic Engineering – सिरेमिक इंजीनियरिंग
  4. Biotechnology Engineering – बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग
  5. Biomedical or Biochemical engineering – बायोमेडिकल एंड बायोकैमिकल इंजीनियरिंग
  6. Automobile Engineering – ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग
  7. Aeronautical Engineering – ऐरोनॉटिकल इंजीनियरिंग
  8. Communication Engineering – कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
  9. Computer Science Engineering (CSE) – कंप्यूटर साइंस
  10. Electrical Engineering – इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  11. Electronics Engineering – इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग
  12. Environmental Engineering – एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग
  13. Industrial Engineering – इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग
  14. Oceanic Engineer – ओशनिक इंजीनियरिंग
  15. Mechanical Engineering – मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  16. Mechatronics Engineering – मेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग
  17. Metallurgical Engineering – मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग
  18. Nuclear engineering – न्यूक्लिअर इंजीनियरिंग
  19. Petroleum Engineering – पेट्रोलियम इंजीनियरिंग
  20. Textile Engineering – टेक्सटाइल इंजीनियरिंग

कितने प्रकार के इंजीनियर होते हैं। – Types of engineers in hindi

कितने प्रकार के इंजीनियर होते हैं।
2022 में इंजीनियर कैसे बने

सिविल इंजीनियर कैसे बनें ?

आज के विकसित माहौल में देश काफी प्रगति कर रहा है। बड़े शहरों के साथ ही छोटे शहरों में भी बड़ी- बडी बिल्डिंग, इमारत, अच्छी सड़के आदि विकास बहुत तेजी से हो रहा है। इसका मुख्य कारण रियल इस्टेट कारोबार है। इनमें से एक मुख्य क्षेत्र Civil Engineering हैं।

Civil Engineering अपने आप मे Broadest and Oldest Engineering कोर्स है, जिसमें Design, Construction, Road, Building, घर बनाना, Dam, Tunnel, Airports, Highway. इन सभी कार्यों को Civil इंजीनियर करता है।

अगर आप भी इस विकास गाथा में शामिल होना चाहते हैं, यदि आपकी इन क्षेत्रों में रुचि हैं, तो Civil engineering course के माध्यम से आप इस सेक्टर में प्रवेश कर सकते हैं। civil engineer बनने के लिए आप सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक या डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग कर सकते हैं। इसके बाद इसी फील्ड में इंटर्नशिप कर इस सेक्टर में आपके लिए जॉब के द्वार खुल जाएंगे। 

केमिकल इंजीनियर कैसे बनें ?

Chemical engineering में आपको रसायनों एवं रासायनिक उत्पादों के बारे में Research से लेकर production के बारें में पढाई जाती है । जिसमें Raw Material को use करके useful Product बनाये जाते हैं, जैसे Clothes, Food, Drink, and Energy.

केमिकल इंजीनियरिंग course के बाद आपको मैन्युफैक्चरिंग, केमिकल, प्रोसेसिंग, प्रिंटिंग, मिल्क व फ़ूड इंडस्ट्री, फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड आदि क्षेत्रों में आसानी से नियुक्ति मिल सकती है।

इसके साथ ही केमिकल इंजीनियर एक्सपर्ट को पेट्रोकेमिकल प्लांट्स, पेट्रोलियम रिफाइनिंग प्लांट्स, फार्मास्यूटिकल, मिनरल इंडस्ट्री, सिंथेटिक फाइबर्स, औसधि निर्माण, डाई, पेंट, वार्निश, डेरी एंड प्लास्टिक उद्योग, एवं अनेक तरह के रासायनिक पदार्थो और बस्तुओं के निर्माण में केमिकल इंजीनियर की अहम भूमिका होती है।

एक केमिकल इंजीनियर के लिए इन सभी क्षेत्रों में काफी आकर्षक कैरियर की संभावनाये हैं।

बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियर कैसे बनें ?

बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग एक उभरता और डिमांडिंग वाला क्षेत्र है। बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग के कोर्स में, छात्रों को चिकित्सा और जीव विज्ञान, कृषि और अनुसंधान, और टीकों के विकास में समस्याओं और विश्लेषणों को हल करने के लिए इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का उपयोग सिखाया जाता है।

बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र है। बायोटेक्निकल विशेषज्ञों की मांग आजकल बढ़ रही है। यह क्षेत्र कई विशेषज्ञताओं का मिश्रण है। इस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले आसानी से निजी और सरकारी उपक्रमों में नौकरी की तलाश कर सकते हैं।

विभिन्न दवा कंपनियां, सरकारी और निजी अनुसंधान प्रयोगशाला, विश्लेषण प्रयोगशालाएं, कृषि अनुसंधान प्रयोगशाला, नैदानिक ​​अनुसंधान निकाय और विभिन्न प्रतिष्ठित और संबंधित संगठन वर्तमान रोजगार परिदृश्य में जैव प्रौद्योगिकी इंजीनियरों की भर्ती कर रहे हैं।

ऑटोमोबाइल इंजीनियर कैसे बनें ?

ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग वाहन इंजीनियरिंग की एक शाखा है, जिसके तहत सभी वाहनों जैसे मोटरसाइकिल, बस, ट्रक, ट्रैक्टर आदि को डिजाइन किया जाता है और इससे जुड़ी चीजें भी बनाई जाती हैं। इंजीनियरिंग के लिए मैकेनिकल इलेक्ट्रिकल सॉफ्टवेयर और सेफ्टी इंजीनियरिंग की भी जरूरत होती है क्योंकि यह सारा काम ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के तहत भी आता है।

ऑटोमोबाइल इंजीनियर वाहनों के सभी पुर्जों का निर्माण करते हैं, साथ ही वे वाहन को संपूर्ण बनाने में और तैयार करने में लगे रहते हैं, ऑटोमोबाइल में डिप्लोमा 10वीं पास के बाद भी किया जा सकता है। यह कोर्स गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक या प्राइवेट पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज से भी किया जा सकता है। इस डिप्लोमा कोर्स की फीस प्रति वर्ष 35 से 70 हजार रुपये तक हो सकती है।

अगर आप Automobile Engineering में BE या B.Tech करना चाहते हैं तो 12वीं के बाद कर सकते हैं. इसकी फीस सालाना 70 हजार से 1.50 लाख तक हो सकती है। इस कोर्स के लिए 12वीं में पीसीएम विषय होना चाहिए। तभी आप बी.टेक या बीई, इंजीनियरिंग में प्रवेश ले सकते हैं।

ऐरोनॉटिकल इंजीनियर कैसे बनें ?

आप Aeronautical Engineer बनना चाहते हैं। इसके लिए आप बीटेक इन एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, डिप्लोमा इन एयरक्राफ्ट मेंटिनेंस इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसे कोर्स कर आप इस फील्ड में कैरियर बना सकते हैं। युवाओ में Aeronautical Engineering के प्रति क्रेज भी बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है।

एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग ( Aeronautical Engineering) में एयरक्राफ्ट को ऑपरेट करने की टेक्निक्स या फ्लाइट-केपेबल मशीन्स की स्टडी, डिज़ाइन और निर्माण से सम्बंधित कार्य होते हैं । Aeronautical Engineering में छात्रों को कमर्शियल या मिलिट्री एयरक्राफ्ट्स, मिसाइल्स और स्पेसक्राफ्ट्स के कंस्ट्रक्शन, डिजाइनिंग, टेस्टिंग और एनालिसिस से रीलेटेड ट्रेनिंग दी जाती है।

आप देश के अलावा विदेश में भी Aeronautical Engineer के तौर पर काम कर सकते हैं। Aeronautical Engineering के क्षेत्र में कुशल इंजीनियर की हर समय जरूरत रहती है। अगर आप भी Aeronautical Engineering course करके इस फील्ड में महारत हासिल कर लेते हैं, तो आपको यंहा जॉब पाने में दिक्कत नही होगी।

कम्युनिकेशन इंजीनियर कैसे बनें ?

आपकी ख्वाईश इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन इंजीनियर इंजीनियर बनने की है, तो हम आपको बताएंगे कि कम्युनिकेशन इंजीनियर कैसे बनें । इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स ब्राडकास्टिंग, कंसल्टिंग, डाटा कम्युनिकेशन, एंटरटेनमेंट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, सिस्टम सपोर्ट आदि जैसे अन्य कई मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के संगठनों में रोजगार पा सकते हैं।

एक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियर के तौर पर, कोई भी व्यक्ति एविएशन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिसिटी प्लांट्स, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रांसपोर्टेशन, कम्युनिकेशन, कंप्यूटर एप्लीकेशन आदि में जॉब कर सकता है।

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कंप्यूटर साइंस इंजीनियर कैसे बनें ?

अगर कंप्यूटर इंजीनियर की बात करें तो इसके लिए बहुत सारे सब्जेक्ट में महारथ हासिल करनी होती है। यह एक प्रकार का ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स है। जोकि 4 वर्षो की होती है। इसमें सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, प्रोग्रामिंग डिजाइनिंग, वेब डेवलपमेंट, वेब डिजाइनिंग कम्प्यूटेशन, कंप्यूटर अल्गोरिथम जैसे विषयों के बारे में पढाई की जाती है।

इस फील्ड में जितनी ज्यादा डिमांड है, आपको उतनी ही ज्यादा मेहनत भी करनी होती है। इसमें आपको रिसर्च के साथ इन चीजों का निर्माण भी करना होता है। जैसे : मदर बोर्ड, सर्किट प्रोसेसर, मेमोरी, राउटर डिवाइस, ऑपरेटिंग सिस्टम, मोबाइल डिवाइस आदि।

एक कंप्यूटर दो चीजों से मिलकर बनती है, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर। तो आप कंप्यूटर इंजीनियर बनने के लिए दोनों में से एक में अपनी करियर बना सकते हैं।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियर कैसे बनें ?

इंजीनियरिंग के फील्ड में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बेहतर कैरियर ऑप्शन हो सकता है। यह सेक्टर जॉब की मांग के मामले में हमेशा एक विकल्प है। घरेलू उपयोग से लेकर औद्योगिक और स्पेस एप्लिकेंशस तक हर क्षेत्र में इलेक्ट्रि‍कल इंजीनियर की काफी ज्यादा जरूरत होती है।

ऐसे में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बनने के लिए 12 वीं के बाद आप इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या बीटेक कर सकते हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियर में course के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ से 12 वीं पास होना जरूरी है। गवर्नमेंट कॉलेज में इस कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम देना होता है।

एनवायर्नमेंटल इंजीनियर कैसे बनें ?

पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण पर्यावरण संबंधी शोध कार्यों में तेजी आई है। ऐसे में सरकार और गैर सरकारी संगठनों द्वारा पर्यावरण को बचाने के लिए जिस तरह जोर-शोर से काम किया जा रहा है, इसको देखते हुए यह क्षेत्र युवाओं के लिए नौकरी की असीम संभावनाएं उपलब्ध करा रहा है। चुकी अभी बहुत ही कम लोग Environmental Engineering Course कर रहे है, जिसकी वजह से कुशल पेशेवरों की भारी कमी है।

आप Environmental Engineering Course कर इस फील्ड में कैरियर बना सकते हैं। इसके लिए आप डिप्लोमा, डिग्री एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में हासिल कर सकते हैं। आईआईटी एग्जाम के अलावा अन्य स्टेट लेवल और यूनिवर्सिटी लेवल के एग्जाम देकर Environmental Engineering कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। कुछ प्राइवेट कॉलेज में डायरेक्ट 12वीं के बाद भी एडमिशन मिल जाता है। इस प्रकार आप एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग में कैरियर बना सकते हैं।

मरीन इंजीनियर कैसे बनें ?

अगर आपको समुद्र से ,लगाव है, और आपको समुद्र मे घूमना अच्छा लगता है, तो मरीन इंजीनियरिंग का क्षेत्र आपके लिए लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

दुनियाभर मे बड़ी व्यावसायिक गतिविधियाँ करने के लिए आज भी 80 प्रतिशत व्यवसाय समुद्र से ही किया जाता है। इस समुद्री व्यापार को सफल बनाने के लिए मरीन इंजीनियरस की अहम भूमिका होती है।

मरीन इंजीनियरिंग Marine Engineering नॉटिकल आरकेटेक्चर और विज्ञान से जुड़ी इंजीनियरिंग की एक शाखा है। मरीन इंजीनियरिंग के तहत समुद्रों और तटीय इलाकों मे शोध भी किया जाता है मरीन इंजीनियरिंग के कोर्सज मे मुख्यत जहाज़ों के निर्माण और देखभाल की जानकारी प्रदान की जाती है।

जहाज़ों के टेक्निकल मैनेजमेंट की सारी जिम्मेदारी मरीन इंजीनियरस पर होती है जहाज के लिए डीजल इंजन स्टीम टरबाइन, गैस टरबाइन जैसे मशीनरी का चुनाव और मैकेनिक इलेक्टरीड फ्लूइड आर कंट्रोल सिस्टम का डिजाइन भी मरीन इंजीनियर ही तैयार करते है। वे जहाज पर मौजूद मरीन टेक्नीशियन्स और अन्य कारीगरों की टीम का नेतृत्व भी करते है।

मैकेनिकल इंजीनियर कैसे बनें ?

आप मैकेनिकल इंजीनियरिंग का कोर्स 10th के बाद ITI या पॉलिटेक्निक के माध्यम से भी कर सकते है और 12th क्लास पास करने के बाद भी अभ्यर्थी इसका कोर्स करने के लिए प्रवेश ले सकते हैं। कोर्स पूरा हो जाने के बाद अभ्यर्थी मैकनिकल इंजीनियर के अप्लाई कर सकते है।

मैकेनिकल इंजीनियर बनने वाले अभ्यर्थियों के पास इसके कोर्स का डिप्लोमा होना जरूरी होता है। वहीं यदि आप सीनियर मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास डिग्री होनी चाहिए।

12वीं कक्षा में सफलता प्राप्त कर लेने के बाद जो अभ्यर्थी मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स करना चाहते है उन्हें 12वीं कक्षा में मेडिकल या नॉन मेडिकल होना आवश्यक होता है क्योंकि, इसके बाद अभ्यर्थी को बीटेक में मैकेनिकल शाखा से डिग्री प्राप्त करने के लिए कोर्स करना होता है। इसके अलावा B.TECH के बाद में M.TECH करने वाले अभ्यर्थियों को मास्टर डिग्री भी प्राप्त हो जाती है।

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Conclusion :

दोस्तों, यहाँ आपको इंजीनियरिंग कोर्सेज के बारे में मैंने आपको बताया। कोई भी ब्रांच चुनने से पहले अपने रूचि को देखें। अगर आप किसी की बातों में आकर अपने करियर के लिए कोर्सो का चुनाव करते हैं तो यह गलत है। इस पोस्ट को लिखने का एक ही मतलब है आपको जानकारी देना कि इंजीनियर कैसे बने और कितने प्रकार के इंजीनियर होते हैं। ( Types Of Engineering Course In Hindi )

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