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देश और दुनियां के इतिहास में दर्ज 3 नवंबर की प्रमुख घटनाएँ

इतिहास में दर्ज 3 नवंबर की प्रमुख घटनाएँ

देश और दुनियां के इतिहास में 3 नवंबर की प्रमुख घटनाएँ, विचार एवं रोचक जानकारी : Importance of 3rd November in History

इतिहास के नज़र से भारत और विश्व में 03 नवम्बर का अपना ही एक खास महत्व है, क्योंकि इसी दिन वो सभी महत्वपूर्ण घटनाएं घटी जो इस दिन को खास बनाती है। आईये जानते हैं, 3 नवंबर की प्रमुख घटनाएँ जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होकर रह गईं हैं। कोई भी घटना जो महत्वपूर्ण है जैसे : आज के दिन जन्मे चर्चित व्यक्ति, प्रसिद्ध व्यक्तियों के निधन, युद्ध संधि, किसी देश के आजादी, नई तकनिकी का अविष्कार, सत्ता का बदलना, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवस इत्यादि।

3 नवंबर की प्रमुख घटनाएँ – अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय 

  • 1394 – फ्रांस के सम्राट चार्ल्स षष्ठम ने यहूदियाें को फ्रांस से बाहर खदेड़ दिया।
  • 1493 – क्रिस्टोफर कोलंबस ने डोमिनिका द्वीप की खोज की।
  • 1655 – इंग्लैंड और फ्रांस ने सैन्य और आर्थिक समझौतों पर हस्ताक्षर किये।
  • 1762 – ब्रिटेन और स्पेन के बीच पेरिस की संधि हुई।
  • 1796 – जॉन एडम्स अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गये।
  • 1857 – नानाराव की मथुरा स्थित संपत्ति को ध्वस्त करने के लिये के आदेश
  • 1869 – कनाडा में हैमिल्टन फुटबाॅल क्लब अस्तित्व में आया।
  • 1903 – पनामा को कोलंबिया से आजादी मिली।
  • 1938 – ‘असम हिन्दी प्रचार समिति’ नामक एक संस्था कायम की गई।
  • 1948 – भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना पहला भाषण दिया।
  • 1958 – तत्कालीन सोवियत संघ ने परमाणु परीक्षण किया।
  • 1962 – चीन के हमले के मद्देनजर भारत में गोल्ड बाॅन्ड स्कीम की घाेषणा की गयी।
  • 1984 – भारत में सिख विरोधी दंगों में तीन हजार से ज्यादा लोग मारे गए।
  • 1988 – वायु सेना ने आगरा से एक पैराशूट बटालियन समूह को लिया।
    • भारतीय सशस्त्र सेना ने मालदीव में हुए एक सैन्य विद्रोह को दबाने में वहाँ की सरकार की सहायता के लिए एक अभियान शुरू किया।
  • 1997 – जी-15 समूह का सातवां शिखर सम्मेलन कुआलालम्पुर में प्रारम्भ।
  • 2000 – भारत सरकार द्वारा डायरेक्ट टू होम प्रसारण सेवा सभी के लिये शुरू की गयी।
  • 2001 – अमेरिका ने लश्कर व जैश-ए-मोहम्मद पर प्रतिबंध लगाया।
  • 2002 – नखोम पाथोम की बैठक में लिट्टे ने राजनीति की मुख्य धारा में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की।
  • 2003 – पाकिस्तान और चीन के बीच बीजिंग में आठ समझौतों पर हस्ताक्षर।
  • 2006 – भारत बेल्जियम के साथ सामाजिक सुरक्षा गारंटी पर समझौता हुआ।
  • 2007 – पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रमुख बेनजीर भुट्टो को उनके घर में नजरबन्द किया गया।
    • पाकिस्तान में परवेज मुशर्रफ ने संविधान को रद्द कर और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हटाकर आपातकाल की घोषणा की।
  • 2008 – यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया ने अपनी उधारी दरों में 0.5 प्रतिशत की कमी की।
  • 2011 – फ्रांस के कैन्स में जी-20 शिखर सम्मेलन शुरू हुआ जिसमें यूरोजोन ऋण संकट पर चर्चा की गई।
  • 2014 – अमेरिका में आतंकवादी हमले में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर गिराये जाने के 13 साल बाद उसी जगह पर एक वर्ल्ड ट्रेड सेंटर खोला गया।

3 नवंबर को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्ति

  • 1976 – मानवजीत सिंह संधू – भारतीय निशानेबाज़ हैं, जो मुख्यत: ट्रेप शूटिंग के लिए जाने जाते हैं।
  • 1933 – अमर्त्य सेन – अर्थशास्त्री
  • 1937 – लक्ष्मीकांत – हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध संगीतकार।
  • 1906 – पृथ्वीराज कपूर – हिंदी फ़िल्म और रंगमंच अभिनय के इतिहास पुरुष, जिन्होंने मुम्बई में ‘पृथ्वी थिएटर’ स्थापित किया।
  • 1890 – एच. जे. कनिया – स्वतंत्र भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश थे।
  • 1688 – सवाई जयसिंह – आमेर का वीर और बहुत ही कूटनीतिज्ञ राजा था।

3 नवंबर को हुए प्रसिद्ध व्यक्ति का निधन

  • 2013 – रेशमा, प्रसिद्ध लोक गायिका।
  • 2008 – ललित मोहन शर्मा – भारत के भूतपूर्व 24वें मुख्य न्यायाधीश थे।
  • 1977 – भगवंतराव मंडलोइ – मध्य प्रदेश के भूतपूर्व दूसरे मुख्यमंत्री थे।
  • 1947 – सोमनाथ शर्मा – ‘परमवीर चक्र’ पाने वाले प्रथम भारतीय शहीद।
  • 1947 – दीवान सिंह दानू – ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित भारतीय सैनिक थे।
  • 1936 – चिदंबरम पिल्लई – तमिल भाषा के विद्वान् और प्रख्यात समाज-सुधारक।

3 नवंबर के राष्ट्रीय दिवस एवं अंतराष्ट्रीय दिवस

  • अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रास दिवस (सप्ताह)

विस्तार से : 3 नवंबर की नवंबर की प्रमुख घटनाएँ ( Importance of 3rd November in History )

644 – ई. पश्चात् : उमर इब्न अल-खत्ताब कौन था और हत्या क्यों हुई ? ( 3 नवंबर की प्रमुख घटनाएँ )

कुरैश जनजाति के आदि वंश के एक सदस्य उमर इब्न अल-खत्ताब का जन्म मक्का में हुआ था। प्रारंभ में मुहम्मद के एक प्रतिद्वंद्वी, उन्होंने लगभग 615 में इस्लाम में परिवर्तित किया। वह मुहम्मद के सबसे करीबी सलाहकार बन गए, साथ ही हिजड़ा के दौरान 622 में मदीना गए। उमर पहला खलीफा था जिसने अमीर अल-मुमिनिन, या वफादार के कमांडर को गोद लिया था।

उमर के शासन में, इस्लामिक राज्य का विस्तार एक स्थानीय रियासत से एक प्रमुख शक्ति तक हुआ। उसने अबू बक्र द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियानों को जारी रखा, जिसके परिणामस्वरूप सीरिया, फिलिस्तीन, मिस्र, इराक और ईरान की विजय हुई। उमर ने इन नई विजय के लिए दिशा-निर्देश स्थापित किए।

उन्होंने साम्राज्य की न्यायपालिका की स्थापना की, एक डाक प्रणाली की स्थापना की, और राज्य को वित्त देने के लिए करों की एक प्रणाली शुरू की। उमर को इस्लामी कैलेंडर के उपयोग को स्थापित करने के लिए भी श्रेय दिया जाता है। 644 में, उमर की हत्या एक दास द्वारा की गई थी, जिसके खिलाफ एक व्यक्तिगत शिकायत थी। कहा जाता है कि उमर ने अगले ख़लीफ़ा को चुनने के लिए एक समिति नियुक्त की; उन्होंने उथमन को अपना उत्तराधिकारी नामित किया। (स्रोत: इनसाइक्लोपीडिया ऑफ़ इस्लाम, कैम्पो)

1493 – क्रिस्टोफर कोलंबस ने डोमिनिका द्वीप की खोज की।

ये यात्रा काफी लंबी साबित हुई…बीच में कोलबंस के साथी बगावत पर भी उतारू हो गए लेकिन वो उन्हें समझाने में किसी तरह कामयाब रहा. आखिरकार लम्बी यात्रा के बाद 10 अक्टूबर को यात्रा के सत्तर दिन पूरे हो गये तब उन्हें एक चिड़िया उड़ती नज़र आई. उन्हें लगा की वे गल्फ की खाड़ी में आ पहुंचे हैं. 11 अक्टूबर को कोलंबस ने घोषणा की, कि दूर उन्हें रोशनी टिमटिमाते दिखी है उन्होने रोशनी का पीछा किया. 12 अक्टूबर की रात दो बजे जहाजी चिल्लाने लगे, जमीन-जमीन जहाज पर उत्सव का माहौल बन गया था.

जहाज रुकने के बाद कोलंबस उस धरती पर सबसे पहले उतरा. कोलबंस ने घोषणा की कि आखिर मैंने सिद्ध कर दिया कि पश्चिम से यात्रा करके पूरब तक पहुँचा जा सकता है. कोलंबस को लगा कि वह इंडिया पहुंच चुका है. वहां के स्थानीय लोगों ने उसका स्वागत किया और उपहार में सोने-चांदी दिया. चूंकि कोलंबस इंडिया की खोज में निकला था, तो उसने वहां के निवासियों को इंडियन कहा.

यही वजह है कि आज भी दक्षिण अमेरिका (South America) के मूल निवासी को रेड इंडियन (Red Indian) कहा जाता है. बहरहाल कोलंबस वहां से भारी धन-संपदा लेकर स्पेन वापस लौटा. 15 मार्च 1493 को जब वो स्पेन लौटा तो वहां के राजा-रानी ने खुद उसका स्वागत किया. स्पेन के राजा ने कोलंबस को उसके द्वारा ढूंढे गए प्रदेशों का गवर्नर बना दिया. इसके बाद कोलंबस ने तीन बार अमेरिकी द्वीपों की यात्रा की जहां से हर बार वो बेशुमार दौलत लेकर लौटता था.

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